सानू तेरे ही मिलन दा चा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आ सजाना तेरे रही बैठे काले नैना दे दीवे

नित नित दर्द बिछोड़ा तेरा मेरा खून जिगर दा पीवे

तेरे दीद दा चाह नजराना छुड़ा एक पल आराम न कीवी,

सानू तेरे ही मिलन दा चा तू छेती छेती आजा साँवरे

इस जिन्दड़ी दा की बसा तू छेती छेती आजा साँवरे

सानू तेरे ही मिलन दा चा तू छेती छेती आजा साँवरे,

सांवरे सांवरे हो सँवारे सँवारे हो सँवारे सँवारे

सानू तेरे ही मिलन दा चा तू छेती छेती आजा साँवरे

याद करके तैनू हंजू नैना विच दुलडे

लेके तेरा नाम साड्डे भूल जादो खुल्दे

साड्डे चल देने ओखे ओखे साथ

तू छेती छेती आजा साँवरे...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।