सुवटा रे सुवटा खाटू की नगरी जा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुवटा रे सुवटा खाटू की नगरी जा

बाबो जी ने जाके म्हारा संदेशो दे आ

याद थारी आवे है नींद उड़ जावे है

अब तो ये रेन मेरी चैन नही पावे है

बाबा जी ने जाकर बा भी केह दीजियो

टाबर उडीके थाणे दर्शन दे दीजियो

याद थारी आवे है नींद उड़ जावे है

अब तो ये रेन मेरी चैन नही पावे है

थारे बिन भगता ने दूजो नही आसरो

हारे को सहारो बन जा तू ही मेरो सांवरो

याद थारी आवे है नींद उड़ जावे है

अब तो ये रेन मेरी चैन नही पावे है

दर पे बुला लो बाबा याही अरदास है

दाहिमा भी नित नित आवे मिलन री आस है

याद थारी आवे है नींद उड़ जावे है

अब तो ये रेन मेरी चैन नही पावे है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।