भज ले अब तू ॐ नमः शिवाये

पारंपरिक
महादेव मंत्र शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

पंचा अक्शर मंत्र जग में निराला जो भी जपे पाए सुख का प्याला

अंतर आत्मा में शिव है समाते मन में बनता शिव का शिवाला

तेरे हिरदये में शिव है समाये भज ले अब तू ॐ नमः शिवाये

ध्यान धर ले पा ले शिव को शिव में रम कर बुल जा जग को

औह्ढ़दानी की भगती पा ले कर दे जीवन समर्पित शिव को

सांसे तेरी अब शिव को बुलाये भज ले अब तू ॐ नमः शिवाये

शिवलिंग पे बेल पत्र चड़ा दे शम्बू को गंगा अश्नान करा दे

सत्य शिव है सुंदर वो है हिरदय में शिव की ज्योति जला दे

त्रिपुरारी तेरे दुःख को मिटाए भज ले अब तू ॐ नमः शिवाये

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।