अपने दिल में वसा लो महादेव को जगा लो

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

अपने दिल में वसा लो महादेव को जगा लो

दर्शन भी देंगे भोले तुम शिव का ध्यान लगा लो

दर्शन को प्यासा मेरा मन अमृत बरसाते नैनं

अब ढोल गया तन मन भोले में हो के मगन

भगती में हम रमे है बम भोले को अब भुला लो

दर्शन भी देंगे भोले तुम शिव का ध्यान लगा लो

अपने दिल में वसा लो महादेव को जगा लो

प्राणी में कैसा संकट छन भोले को करते है नमन

सब ढूंड रहे है तुझे कन कन शिव शंकर का ही लगन

श्रृष्टि में सब लगे है बम भोले से अब मिला दो

दर्शन भी देंगे भोले तुम शिव का ध्यान लगा लो

अपने दिल में वसा लो महादेव को जगा लो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।