लाडला मैं तो श्री जी का प्यारा मैं तो लाडो का

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

लाडला मैं तो श्री जी का प्यारा मैं तो लाडो का

लाडला मैं तो श्री जी का ............

तुम सामने हो मेरे लगे फिर क्यों दूरी है

इक बार ज़रा पूछो मेरी क्या मजबूरी है

लाडला मैं तो श्री जी का ............

तेरे नाम से ही शुरू तेरे नाम पे ही ख़तम

तेरे चरणों में राधिका गुज़रे ये सारे जनम

लाडला मैं तो श्री जी का ............

तेरे साथ तो सखियाँ है तेरे साथ छलिया है

इक मेरा सहारा तो बरसाने की गलियां है

लाडला मैं तो श्री जी का ............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।