तू जो रूठा तो मैं जाऊँगा कहाँ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब तक सांस चले ये तब तक साथ निभाना

हार के आया हूँ दर ना कोई कोई बहाना

तू जो रूठा तो मैं जाऊँगा कहाँ

बिन तेरे सवेरे हम हुए बावरे

कर दया की मेहर मेरे श्याम

तू जो रूठा तो...............

तू जो ठुकराएगा कौन अपनाएगा

दास तेरा बाबा फिर कहांजाएगा

तेरे बिन सांवरे अब नोइ कोई राह खरे

क्या सही क्या गलत कौन बतलायेगा

तू जो रूठा तो...............

जिसको अपना समझा उसने दिल तोडा है

दिखा कर मंज़िल को राह में छोड़ा है

झूठे सब रिश्ते हैं झूठे सब नाते हैं

सुख के सब साथी हैं दुःख में ना आते हैं काम ना आते हैं

तू जो रूठा तो...............

मन में विश्वास भरा तू मेरे साथ खड़ा

इस भरी दुनिया में एक बस तू है मेरा

भक्त कहते तेरा ना कोई सानी है

खाटू का राजा है कलयुग अवतारी है

तू जो रूठा तो...............

मैं अगर हारा तो तेरी बदनामी है

हारे का साथी तू शीश का दानी है

अब माधव अर्णव की नैया तेरे हाथ है

तू ही अब तारेगा तुझपे विश्वास है पूरा विश्वास है

तू जो रूठा तो...............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।