ताहियो गूंज दे जय कारे हर गली मोड़ ते

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

गुरा आ दा जन्म दिहाड़ा आया

सब ने चावा नाल मनाया

मैं भी दिंदा हां वधाईया सब नु हथ जोड़ के

ताहियो गूंज दे जय कारे हर गली मोड़ ते

सेवा करन च संगता ने कोई कसर न छड़ी,

इक दूजे तो सोहनी शोभा यात्रा कड़ी,

पुरे देश विच रखता रिकॉर्ड तोड़ के

ताहियो गूंज दे जय कारे हर गली मोड़ ते

था था ते सतगुरु दे नाम दे लंगर लाये

दी जे ला के खुशिया दे विच भंगडे पाए

लोकी देख के हैरान अज साड़ी टोर ते

ताहियो गूंज दे जय कारे हर गली मोड़ ते

अशोका रेह्म्पे वाला लिखदा सतगुरु दी वडयाई

दसा नोहा दे विच मालका सब दे वरकता,

रोशन मली गावे महिमा हथ जोड़ जोड़ के

ताहियो गूंज दे जय कारे हर गली मोड़ ते

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।