खाटू वाला सांवरियां करता है जादू गरियाँ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू वाला सांवरियां करता है जादू गरियाँ सच मानिए

रखता है हर किसी के किस्मत की चाभी

ऐसा जादू दिखलाए कोई कुछ समज न पाए

सच मानो रोते हुए की इसने पल में है मौज लगा दी

है अलग अंदाज उसका है अलग मेरा संवारा

है करोड़ो देवा पर है अलग मेरा संवारा

खाटू वाले जैसा दानी दूसरा कोई नही

शीश देदे दान में है दूसरा है कोई नही

बाबा ये खाटू वाला जादू गर है मतवाला

हारने वाले को है जीत दिला दी

वानो की शक्ति सभी ने महाभारत में देखली

युवा अवस्था में तुम्हारी ताकत सब ने देख ली

एक वान से पता पता पीपल का था भेद ना

चाहते थे कृष्ण जी ताकत तुम्हारी देखना

शक्ति तुमने दिखलाई भुधि सब की चकराई

पैरो के नीचे से धरती हिला दी

द्वापर से कलयुग का लक मेरे संवारे की धूम है

सब दीवाने संवारे के संवारे की धूम है

केहता है सुख देव सब से इस की चोखठ चूम लो

भिखरी है खाटू नगर में दया की दोलत तुम चूम लो

आओ खाटू में आओ बाबा के रंग रंग जाओ

मोर छड़ी बाबा ने अपनी घुमा दी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।