आये माँ शारदे माँ तुजे सात

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आये माँ शारदे माँ तुजे सात सुरों से मनाने आये,

आये सदा सुर सजये शारदे माँ तुजे सात सुरों से मानाने आये,

श्रेत वर्ण तेरा श्रेत है वाहन,

रूप सुहावे तेरा मवान बावन,

बोल के जयकरा तेरा,

आये माँ शारदे माँ तुजे......

सब भगतन की तुम रखवारी,

सब की झोली भरने वाली,

जो सिमरे सो पाए

शारदे माँ तुजे सात सुरों से माने आये...

राग तुम्ही हो,

साज तुम्ही हो मेरे कंठ का राज तुम्ही हो

मेहता तेरा गुण गावे शारदे माँ

आये माँ शारदे माँ तुजे..............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।