सताओ ना हमे उधो हमे दिल की बिमारी है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सताओ ना हमे उधो हमे दिल की बिमारी है।

हमारा वैद दुनिया में तो बस बांके बिहारी हैं॥

संदेशा श्याम का लाये कटारी क्यूँ नहीं लाये।

जहर का प्याला ले आते ख़तम होती बिमारी यह॥

ना अब हम आँख खोलेंगे, ना मुख से कुछ भी बोलेंगे।

मिलादों श्याम से ए उधो, येही विनती हमारी है॥

मोहन कर गए वादा, मैं परसों लौट आउंगा।

परसों से हुए बरसो, नहीं सुध ली हमारी हैं॥

ना हमने भांग है खायी, ना विष का पान ही किया।

हमारे तन में और मन में, उन्ही की याद समायी है॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।