दूजा दुनिया में मेरे श्याम सा यार नही

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे श्याम का दिल जो जीत लिया तेरी होगी हार नही,

दूजा दुनिया में मेरे श्याम सा यार नही

यारो का यार हारे का सहारा पल में सहारा देता,

साथी न कोई जिसका जगत में उसके साथ रेहता संवारा,

साथी मेरे श्याम के जैसा जग में और नही

दूजा दुनिया में मेरे श्याम सा यार नही

कलयुग में यार ऐसा दूजा मिले न साथ निभाने वाला,

बंद किस्मत का खोल देगा ताला ये खाटू वाला

बिन मांगे दे देता है करे पल की देर नही

दूजा दुनिया में मेरे श्याम सा यार नही

हारे का हाथ पकड़ता है पल में साथ खड़ा रेहता

हार के आया हु मैं भी शरण में राणा जी ये केहता,

सतवीर खन्ना समज गया तेरा मेरे बिन कोई नही

दूजा दुनिया में मेरे श्याम सा यार नही

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।