नादिया नादिया मुझे कुछ नादिया

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिवशंकर डमरू वाले तुम मेरे पड़ गए पाले

तुम्हें घुमा घुमा कर भगवन मेरे पैरों में पड़ गए छाले

तूने सबको दिया पर मुझे ना दिया यूं कहे ना दिया

नादिया नादिया मुझे कुछ ना दिया।।

रावण को लंका दान भी मुझको तो कुछ ना दिया

भस्मासुर को बर दीया मुझको तो कुछ ना दिया

तेरी छांव में पला दीया मन का जला यू बोले ना दिया

ना दिया ना दिया मुझे कुछ ना दिया।।

सुन नादिया भोले भाले क्यों फिकर करे मेरे लाले

तू मन चाहा वर पाले और मन में खुशी मनाले

जा तुझको दिया जा अमर किया तेरा नाम नादिया

नादिया नादिया मुझे कुछ नादिया।।

शिवशंकर डमरू वाले तुम मेरे पड़ गए पाले

तुम्हें घुमा घुमा कर भगवन मेरे पैरों में पड़ गए छाले

तूने सबको दिया पर मुझे ना दिया यूं कहे ना दिया

नादिया नादिया मुझे कुछ ना दिया।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।