मैया दर्शन करादे नन्दलाल दा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैया दर्शन करादे नन्दलाल दा आया बड़ी दुरो चल के

तेरे जहे जोगी बाबा नित उठी आमदे

मुठी मुठी आटे लई सो सो फेरे पावदे

बाबा छड़ खेड़ा मदन गोपाल दा

बैठा कानू बहा मालके............

हीरे मोती बाबा तेरी झोली विच पानदिया

जे कुछ होर मांगे बाबा होर मैं लेअनदिया

बाबा छड़ खेड़ा मदन गोपाल दा

बैठा कानू बहा मालके............

हीरे मोती चाहिए ना भोलिए फकीरा नु

इसदे उत्ते वार देवा सारिया जगीरा नु

तैनू पता नहीं ओ नन्द जी दे लाल दा

बैठा तहियो बुहा मालके............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।