मेरी मैया कैसी है मेरी मैया कैसी है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

बीत गए दिन रात महीने बीत गया है साल,

अब तक आये न तेरे द्वारे पुछ न तेरा हाल

मेरी मैया कैसी है मेरी मैया कैसी है

कब किसने सोचा था के दिन ऐसे भी आयेंगे,

मैया के दर्शन करने को नैन तरस जायंगे

बच्चा बच्चा पूछेगा माँ तुझसे आके सवाल

ओ मेरी मैया कैसी है..........

सारी दुनिया में फैली मैया ऐसी महामारी,

तुमने हो तो हे जगदम्बे रक्शा करी हमारी,

तूने फर्ज निभाया माँ का अब आयेंगे तेरे लाल

ओ मेरी मैया कैसी है..........

हे जगजननी मन नही लगता अब देदो तुम दर्शन

ना जाने कब बरसेगा तेरी किरपा का सावन

दोड़े दोड़े आयेंगे माँ तुझपे होने निहाल

ओ मेरी मैया कैसी है..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।