शेरवा पर सवार मैया ओढे चुनरी,

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

शेरवा पर सवार मैया ओढे चुनरी,

एक हाथ में कह्पर ले ली एक हाथ में बाला,

एक हाथ आसीस रूप में एक हाथ में माला,

एक हाथ आसीस रूप में गल्ले में तुलसी माला,

शेरवा पर सवार मैया ओढे चुनरी......

भ्रमा विष्णु एहे बनोली एहे जग उपजोली,

एहे भगती में शक्ति दिख्ली दुर्गा रूप में इहली

शेरवा पर सवार मैया ओढे चुनरी......

तोहरा तो चरणा के असा और ना कुछ और बंटे,

तोहरा से हम आस लगली मत कर निरासा,

शेरवा पर सवार मैया ओढे चुनरी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।