गौरी के लाडले

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जय जय गणपति नमह

गोरी के लाडले तेरी माया बड़ी अपार,

जय जय गणपति नमह

सबसे प्रथम बाबा तेरी होती आई पूजा

तेरे वरगा बाबा कोई देव नही दूजा

मैया के लाडले गोरी के लाडले

तेरी माया बड़ी अपार

मैया के लाडले हमे भव् से कर दो पार

गोरी के लाडले तेरी माया बड़ी अपार,

पान चड़े फूल चड़े और चड़े मेवा लड्डूआ का भोग लगे संत करे सेवा

गोरा के लाडले मैया के लाडले शीश झुकाऊ बार बार

गोरी के लाडले तेरी माया बड़ी अपार,

अंधे को नेत्र देते कोडीन को काया

बाँझन को पुत्र देते निर्धन को माया,

गोरा के लाडले मैया के लाडले

महारा भी रखियो ध्यान

तेरे भगत बुलावे बाबा आजा म्हारे गाव में

उतम छोकर सब भगतो की करे राम राम है

माता के लाडले गोरी के लाडले विनती सुन लो

गोरी के लाडले तेरी माया बड़ी अपार,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।