तुझे अपना जान के बाबा मैं तेरे दर पर आऊं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तुझे अपना जान के बाबा मैं तेरे दर पर आऊं

गर तुम ना साथ दिए तो फिर और कहाँ मैं जाऊं

तुझे अपना जान के बाबा .................

मैं भी तो सुनकर आया बाबा चौखट पर तेरी

हम भक्तों की किस्मत को तुमने एक पल में फेरी

अब हाथ पकड़ लो मेरा बिन तेरे चल ना पाऊं

गर तुम ना साथ दिए तो फिर और कहाँ मैं जाऊं

तुझे अपना जान के बाबा .................

जब मैं दुनिया से हारा दर दर की ठोकर खाई

एक आस थी मेरे मन में कर लोगे तुम सुनवाई

फिर तेरे रहते बाबा दुनिया से हार ना जाऊं

गर तुम ना साथ दिए तो फिर और कहाँ मैं जाऊं

तुझे अपना जान के बाबा .................

नादानो से होती है नादानी मेरे दाता

ये सुरेश राजस्थानी बस तेरे ही दर आता

अब तू ही बता दे बाबा दर छोड़ कहाँ मैं जाऊं

गर तुम ना साथ दिए तो फिर और कहाँ मैं जाऊं

तुझे अपना जान के बाबा .................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।