सुन मुरली की धुन तू भी प्रभु संग झूम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

देखो रे ब्रिज में मची है धूम

सुन मुरली की धुन तू भी प्रभु संग झूम

देखो रे ब्रिज में मची है धूम

झन्न झन्न झरना झूमे नदियाँ झूमे मगन

सन्न सन्न पवन झूमे झूमे धरती गगन

घन्न घन घोर घटा से बात पके की सुन

सुन मुरली की धुन तू भी प्रभु संग झूम

राधा संग गोपी झूमे झूमे नन्द गाव

मुरली मधुर तान में झूमे सारा ब्रिज धाम,

ऐसी लीला छोड़ कहा भटक गए हो तुम

सुन मुरली की धुन तू भी प्रभु संग झूम

सात सुरु के गूंज से झूम उठा संसार

भगतो का मन मोहने वाले रामा नारायण अवतार

भक्त कुमार केशव भी आज लिया प्रभु को चुन

सुन मुरली की धुन तू भी प्रभु संग झूम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।