वीणा वाधनी माँ शारदा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

वीणा वाधनी माँ शारदा

ज्ञान के दीप से जग मग जग मग

आँगन हो संसार का

वीणा वाधनी माँ शारदा

शेवत वस्त्र हाथ में वीणा

लगती तू ममता की मूरत

उनका पत नित उजियारा है जिन नैनो में तेरी सूरत

हम पे दया रखना सदा

वीणा वाधनी माँ शारदा

वाणी की बगिया में तूने शब्दों के है फूल खिलाये

शब्दों के फूलो में सुंदर पतो के है रंग सजाये

हम पे दया रखना सदा

वीणा वाधनी माँ शारदा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।