रघुनाथ जी हो जिसकी बिगड़ी बनाने वाले

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

रघुनाथ जी हो जिसकी बिगड़ी बनाने वाले,

फिर क्या बिगाड़ सकते उसका ज़माने वाले,

कैसा भी वक़्त आये परवाह क्यों करेगा हम

रखवाले बन के बैठे हनुमंत गदा वाले,

फिर क्या बिगाड़ सकते उसका ज़माने वाले,

बल अपना कुछ नहीं है अभिमान क्या करे हम,

रघुवर कृपा का बल है जो चाहे आजमाले,

फिर क्या बिगाड़ सकते उसका ज़माने वाले,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।