सिर पर सीताराम फ़िकर फ़िर क्या करना

पारंपरिक
हनुमान जी कथा राम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सिर पर सीताराम फ़िकर फ़िर क्या करना

तेरे बिगड़े बनेगे काम्,फ़िकर फ़िर क्या करना

पितु रघुबर श्री जानकी मैया,फ़िर क्यों परेशान हो भैया

तेरे कटेगे कष्ट तमाम्,फ़िकर फ़िर क्या करना

जो जन रामकथा सत्संगी,उनके सहायक श्री बजरंगी

अतुलित बल के धाम फ़िकर फ़िर क्या करना

अगर प्रबु मन मानी करेगे नही शरनाघत पीड हरेगे

होगा बिरद बदनाम फ़िकर फ़िर क्या करना

अब राजेश ना आह भरो तुम, नहीं व्यर्थ परवाह करो तुम

रटो राम जी का नाम, फ़िकर फ़िर क्या करना

सिर पर सीताराम, फ़िकर फ़िर क्या करना..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।