रुन झुन बाजे पग पैजनिया

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

रुन झुन रुन झुन रुन झुन बाजे पग पैजनिया

अंगनैया बिहरे रामलला....

दुइ दुइ दसन दामिनि जैसे दम दम दम दम दमके

कर कंजन कंचन के कंगना चम चम चम चम चमके

सोहे रुचिर हिये मनि माल कमर करधनिया

अंगनैया बिहरे रामलला...

स्याम सरोज सुहावनि काया पहिरे झँगुली पीली

झीन झँगुलिया के भीतर सौ आभा झलके नीली

धनि धनि भाग भुशुंडि काग लखे किलकनिया

अंगनैया बिहरे रामलला...

हर हिय हरत मनोहर मंजु मधुर मुसकनिया

अंगनैया बिहरे रामलला...

धन्य अवध धन धन नृप दसरथ

धनि धनि तीनहु मैया

धन्य धन्य सब देखन हारे

खेलत चारिहु भैया

चाहत जन राजेश प्रभु की चरन रजकनिया

अंगनैया खेले रामलला....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।