बात म्हारी इतनी सी राख म्हारी माँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

बात म्हारी इतनी सी राख म्हारी माँ

चुनडी चडावा सवा लाख म्हारी माँ

दादी म्हारी दादी म्हारी

चुनडी का उत्सव इतना शानदार हो

जा जाए इसको पूरा संसार हो

भगता ने जुबान देदे आज म्हारी माँ

चुनडी चडावा सवा लाख म्हारी माँ

मैया तेरे भगतो को की लाम्बी हो कतार

चाहे हो अकेले चाहे पूरा परिवार

चुनडी रहेगी सब के हाथ मेरी माँ

चुनडी चडावा सवा लाख म्हारी माँ

चुनडी चड़े न सवा लाख जब तक

उत्सव माँ चलेगा दिन रात तब तक

रहेगी तू सिंह पे सवार मेरी माँ

चुनडी चडावा सवा लाख म्हारी माँ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।