खाटू ना आऊँ तो जी घबराता है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू ना आऊँ तो जी घबराता है,

देख के तुझको दिल को मेरे चैन आता है,

ये तेरी कृपा है तू ही बुलाता है

देख के तुझको दिल को मेरे चैन आता है,

चाँद ओर सितारे फूल और नज़ारे,

लगते नही है अब हमको प्यारे,

जब से निहारी सूरत तुम्हारी,

टैब से चढ़ी हैं तेरी खुमारी,

तेरे सिवा न कोई मुझको भाता है,

देख के तुझको....

कैसी भी मुश्किल केसी भी उलझन,

घेरे उदासी बोझ सा हो मन,

आके यहाँ में सब भूल जाता,

रोता हुआ दिल फिर मुस्कराता,

भगतो पे इतना तू प्यार लुटाता है,

देख के तुझको....

जब से मिला है दर ये तुम्हारा,

तब से बना में सबका ही प्यारा,

आनंद को आनंद मिलता यहाँ है,

खाटू सी मस्ती बोलो कहा है,

इसीलिए तो सोनू दर पे आता है,

देख के तुझको....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।