देवों में देव निराला बाबा ये खाटू वाला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

देवों में देव निराला बाबा ये खाटू वाला

भक्तों की सुनता पुकार दानी बड़े ही दातार

लेकर उम्मीदे तू भी खाटू दरबार आए

खुशियों से वो तो अपनी झोलियाँ भर ले जाए

बाबा की कृपा से वो जीवन भर मौज उड़ाए

दानी दयालु दाता भक्तों के भाग्य विधाता

महिमा है इनकी अपार दानी बड़े ही दातार

खाटू के जैसा कोई दूजा दरबार नहीं

जो भी मांगो ये बाबा करता इनकार नहीं

नकदा नकदी देता है रखता उधर नहीं

सेठो का सेठ है मोटा रखता है सबका कोटा

श्याम ही सच्चा साहूकार दानी बड़े ही दातार

बाबा के प्यार की दौलत जिसको भी मिल जाती है

घटने का नाम नहीं है घटती ही ये जाती है

खुशिया ही खुशिया घर में किस्मत बदल जाती है

कहता है भीम सैन जी दिल को मिलता है चैन जी

श्याम से करता जो भी प्यार दानी बड़े ही दातार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।