जगदीश ज्ञानदाता सुख मूल

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

जगदीश ज्ञानदाता सुख-मूल, शोक-हारी,

भगवान तुम सदा हो निष्पक्ष न्यायकारी,

सब काल सर्वज्ञाता सविता पिता विधाता,

सबमें रमे हुए हो तुम विश्व के बिहारी,

कर दो बलिष्ठ आत्मा, घबरा न जाएँ दुःख से,

कठिनाइयों का जिससे, तर जाएँ सिंधु भारी,

निश्चित दया करोगे, हम माँगते यही हैं,

हमको मिले स्वयं ही, उठने की शक्ति सारी,

Yogesh Tiwary

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।