हम तो आए हैं बाबा रूनीचा गांव में

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

हम तो आए हैं बाबा रूनीचा गांव में

प्यार की छाव मे बैठाए रखना रामापीर रामापीर

क्या कहूँ मैं बाबा मेरे चाहूँ पाऊं नित दर्शन तेरे

गंगा-जमुना-सरस्वती बहे

रामदेव आप स्नान करे रामापीर रामापीर

तुमने ना जाने यहाँ कितनो को तारा

हर कोई लगता यह देखो दिवाना

तुम ही से शुरू तुम ही पे कहानी खत्म करे

दुजा न आए कोई नैनो के द्वार में

प्यार की छाव मे बैठाए रखना....

लाखों ही आए यहाँ बनके सवाली

कोई ना गया तेरे दर्श से है खाली

सबकी सुनी सबकी झोली तूने भरी

दुजा ना भाये कोई अब संसार में

प्यार की छाव मे बैठाए रखना...

दिवला संजोया हरी पाठ पुराया

सारी राता में तुम्हे भजन सुनाया

तेरी कृपा जीवन मेरी नाव चली

पवन पुनीया तेरे गुण गाए बापजी

प्यार की छाव मे बैठाए रखना...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।