लागी रे लगन मोहे साईं की

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

लागी रे साईं से लगन लगी रे,

साईं साईं साईं साईं साईं

लागी रे लागी रे लागी रे लागी रे

लगन लगन लगन मोहे लगन लगी है मोहे साईं की

लागी रे लगन मोहे साईं की

जग से बैगाना हु मैं साईं का दीवाना हु मैं

लागी रे लगन मोहे साईं की

लागी रे लगन मोहे बोले मोरा मन मोहे

साईं तेरे प्रेम ने किया है मगन साईं तेरी भगती ने किया है मगन मोहे

जग से बेगाना हु मैं साईं का दीवाना हु मैं

साईं साईं साईं साईं साईं..

साईं का रूतबा सब से बड़ा है

मेरा साईं मेरा खुदा है

दूजा कोई रंग न भाये जब से साईं रंग चड़ा है

लागी रे लगन मोहे साईं की

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।