बोलो ए जमीं बोलो आसमां

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

बोलो ए जमीं बोलो आसमां कोई तो जवाब दो खोलो रे जुबान

कौन सी दिशा में गए मेरे भगवान

बोलो ए जमीं, बोलो आसमां

ताड़क वन में ताड़का मारी

गौतम नारी अहिल्याँ तारी

मारिज सुबान मार गिराया विपरन के प्रभु सारे काज

बोलो ए जमीं, बोलो आसमां

तडप रही है अखियाँ मोरी

उन चरनन की आशा

खड़ा रहा मैं नदी किनारे मैं प्यासा का प्यासा

कैसा ये कठोर है विधि का विधान

बोलो ए जमीं, बोलो आसमां

रोको रोको रास्ता दिशाओं के दीवारों

बंध करो सारी राहे गगन सितारों,

प्रभु के चरणों में हीरो चाँद सितारो

जाने नही पाए मेरे करुना निधान

बोलो ए जमीं, बोलो आसमां

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।