आई धरती पे देखो मेरी कालका सरकार

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

होकर सिंह पे मार संवार

करने दुष्टों का संगार आई धरती पे देखो मेरी कालका सरकार,

हाथ में खंडा लेकर दुष्टों को मारा है

कालका मैया ने विकराल रूप धारा है,

मिटाया माँ ने अन्धकार किया भगतो का उधार

आई धरती पे देखो मेरी कालका सरकार,

बादशाह अकबर ने भी माँ को अजमाया था

कटा हुआ शीश माँ ने घोड़े का लगाया था

चडाया शतर बेमिसाल नंगे पाओ चले दरबार

आई धरती पे देखो मेरी कालका सरकार,

ध्यानु भगत का शीश पल में मिला दिया

अकबर का एह्न्कार मिटी में मिला दिया

ज्योता वाली माँ सरकार किया चेहल का बेडा पार

आई धरती पे देखो मेरी कालका सरकार,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।