तू सतगुरु मेरा तू ही राम है साईं

पारंपरिक
महादेव भजन साईं भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तू सतगुरु मेरा तू ही राम है साईं

तू शिव शंकर है तू ही श्याम है साईं

तेरे लाखो नाम है साईं

काशी अयोध्या मथुरा शिर्डी सब तेरे धाम है साईं

तू सतगुरु मेरा तू ही राम है साईं

हर युग में तू नाम बदल के इस धरती पे आये

भटके हुए को राह दिखाना,

तेरा काम है साईं

तू सतगुरु मेरा तू ही राम है साईं

मांगे सब के लिए दुआए तुझे फिकर है सब की

घर घर जाता अलख जगाता सुबह शाम हे साईं

तू सतगुरु मेरा तू ही राम है साईं

तेरे दर से कोई सवाली जाए न साईं खाली

अब तेरी रेहमत का चरचा जग में आम है साईं

तू सतगुरु मेरा तू ही राम है साईं

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।