आया है बुलावा माँ का होजा तयार

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आया है बुलावा माँ का होजा तयार,

मिलता नसीब से जाने को दरबार

चल मेरे साथी माँ ने बुलाया

वारि जाऊ ऐसे दिन पर जो है आया

मेरे अरमानो को है पंख लगाया

कितने वर्ष पर दिन है ये आया बेटे को माँ ने घर अपने बुलाया,

मुदतो से इस पल का था मुझको इन्तजार

मिलता नसीब से है जाने को दरबार

चल मेरे साथी माँ ने बुलाया

मन की लगन को है माँ ने पहचाना

तभी तो बुलावा भेजी तन हुया उजाला

अब लगता है दिन लौटे गे अपने

पुरे होंगे अब सारे देखे हुए सपने

हमे अपनाया है ये माँ का उपकार

मिलता नसीब से है जाने को दरबार

चल मेरे साथी माँ ने बुलाया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।