बाबा तू परीक्षा मत ले मत ले मैं थक गया देते

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बाबा तू परीक्षा मत ले मत ले मैं थक गया देते

आकर के भरोसा दे दे देदे डर कैसा मेरे रहते

तू ही गर मुंह फेर ले तो किस्से कहूं ये भी कह दे

बाबा तू परीक्षा मत ले ..............

मैंने सारा जीवन तेरा ही गुणगान किया है

आई मुसीबत तब भी मैंने तेरा नाम लिया है

पर अब ना मैं सेह पाऊंगा आकर ये तू सुनले

बाबा तू परीक्षा मत ले ..............

जो सबको सुख देने वाला मुझसे क्यों है रूठा

या फिर कह दे तेरा मेरा रिश्ता ही है झूठा

गर मैंने की प्रीत है सच्ची तो दुःख मेरे मेट दे

बाबा तू परीक्षा मत ले ..............

जितनी साँसे बची है मेरी तेरे डर पे गुज़रे

ये जीवन तो गया निखार है पर भव भी तो सुधरे

राजू ने बस प्रेम है माँगा हाथ तेरा अब फेर दे

बाबा तू परीक्षा मत ले ..............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।