आज करता हु वाधा मैं ये साईं जी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आज करता हु वाधा मैं ये साईं जी

दिल किसी का कभी न दुखाउगा मैं

याद हर पल रखुगा वचन आप के

राह बुले हुयो को दिखाऊगा मैं

आज करता हु वाधा मैं ये साईं जी

मैं जलाऊगा दिल से दया के दीये,

रौशनी जिनकी होगी सभी के लिए

जिनकी पलको में रेहते है आंसू सदा

उनको भी मुस्कुराना सिखाउगा मैं

आज करता हु वाधा मैं ये साईं जी

माफ़ दुशमन की भी मैं करुगा खता,

नफरतो से न होगा मेरा वास्ता

कल तलक जिसने मुझको शिकवे गिले

अब उन्हें भी गले से लगाऊगा मैं

आज करता हु वाधा मैं ये साईं जी

आज मोहित ने मन से ले ली है शपत,

साईं जब तक चलेगा ये सांसो का रत

रोज प्यासों को पानी पिलाउगा मैं

रोज चिडियों को दाना खिलाऊगा मैं

आज करता हु वाधा मैं ये साईं जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।