आगे लाल लंगोटे वाला पीछे भैरो बाबा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आगे लाल लंगोटे वाला पीछे भैरो बाबा

बीच में भवानी आयी रे मां कालका......

सीस मैया के टिका सोवे

बिंदिया पे बहार आयी रे मां कालका

आगे लाल लंगोटे वाला पीछे भैरो बाबा

बीच में भवानी आयी रे मां कालका......

गले मैया के हवा सोवे

माला पे बहार आयी रे मां कालका

आगे लाल लंगोटे वाला पीछे भैरो बाबा

बीच में भवानी आयी रे मां कालका......

हाथ मैया के चोला सोवे

मेहंदी पे बहार आयी रे मां कालका

आगे लाल लंगोटे वाला पीछे भैरो बाबा

बीच में भवानी आयी रे मां कालका......

पैर मैया के पायल सोवे

माहवार पे बहार आयी रे मां कालका

आगे लाल लंगोटे वाला पीछे भैरो बाबा

बीच में भवानी आयी रे मां कालका......

अंग मैया के चोला सोवे

चूंदड़ी पे बहार आयी रे मां कालका

आगे लाल लंगोटे वाला पीछे भैरो बाबा

बीच में भवानी आयी रे मां कालका......

भोग मैया के हलवा सोवे

छोले पे बहार आयी रे मां कालका

आगे लाल लंगोटे वाला पीछे भैरो बाबा

बीच में भवानी आयी रे मां कालका......

संग मैया के संगत सोवे

भक्तो पे बहार आयी रे मां कालका

आगे लाल लंगोटे वाला पीछे भैरो बाबा

बीच में भवानी आयी रे मां कालका......

मां का लाडला ~ 卐 ललित गेरा झज्जर 卐

(SLG Musician)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।