बैठ सामने तेरे बाबा तुझको रोज़ मनाता हूँ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बैठ सामने तेरे बाबा तुझको रोज़ मनाता हूँ

गोर करोगे कभी तो बाबा सोच के अर्जी लगाता हु

बैठ सामने तेरे बाबा तुझको रोज़ मनाता हूँ

माना जहान में बाली बहुत है तभी तो तुम इतराते हो

मुझे भूल कर खुश जब तुम क्यों सपनों में आते हो

मुझसा पागल नही मिलेगा तुझको ये बतलाता हु

बैठ सामने तेरे बाबा तुझको रोज़ मनाता हूँ

दीवानों की इस महफ़िल में तुम मस्ती में खोये हो

सुना था प्रेमी के अनसु पे तुम भी बाबा रोये हो

क्या कमी थी मेरे प्रेम में समज नही मैं पाता हु

बैठ सामने तेरे बाबा तुझको रोज़ मनाता हूँ

एक ही अर्जी राखी करती तेरी सेवा मिल जाए

मुरजाई सी इस बगियाँ में फूल ख़ुशी के खिल जाए

कैसे चलेगा माधव ऐसे गम कब न साथ निभाता हु

बैठ सामने तेरे बाबा तुझको रोज़ मनाता हूँ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।