ऐ श्याम तेरी माला जपु दिन रात

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू जाकर देख ले झुकती दर पे दुनिया सारी,

बिगड़ी हुई वाहा बनती मिट ती है हर लाचारी,

अपने भगत की तू ही सुने फरयाद ,

ऐ श्याम तेरी माला जपु दिन रात,

दुनिया ने लीले वाले कितने ही गम दिए

दुनिया की ठोकरों में अब तलक था पड़ा

कोई नही था जिसको दुखड़े सुना सकू

निष्ठुर बना था कान्हा बिलकुल ही ये जहां

तुम ने एह खाटू वाले दुःख मेरे हर लिए,

मेरी कलाई थामी बिगड़ी बनाई बात

ऐ श्याम तेरी माला जपु दिन रात,

मिलता रहे सदा ही श्याम तेरा प्रेम यु

बेटे पे रखना दाता हर घडी तू दाता

किरपा का हाथ मेरे सिर पर सदा रहे

अब तक निभाया तूने आगे भी तू निभा

जालिम है दुनिया वाले रो रो कहे ये दिल

किस्मत सवर जाये जो मिल जाए तेरा साथ,

ऐ श्याम तेरी माला जपु दिन रात,

चरणों की धुल देदे चाकर बना मुझे जीवन बिताऊ अपना चोकठ पे मैं तेरी

अपनी शरण में लेले आ मुझको संवारे

यु ही मैं है पल गाऊ महिमा सदा तेरी

जैसी सजा हो कान्हा चाहे तू दे मुझे

प् हर्ष तू दया का मेरे सिर पे रखना हाथ

ऐ श्याम तेरी माला जपु दिन रात,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।