जय जय जय माता सरस्वती

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जय जय जय माता सरस्वती, जयसुबा दाइिनी वरदायिनी

हंस वाहिनी पद्मा आसाना माता, वीना पुस्तक धारिणी

जय सुबा दाइिनी वरदायिनी…

तूही दुर्गा तूही काली, तूही माता पार्वती

सकल जगत के पालन करनी, सकल जगत के पालन करनी, विद्या बुद्धि दाइिनी

जय सुबा दाइिनी वरदायिनी…

जय जय जय माँता सरस्वती, जय सुबा दाइिनी वरदायिनी

ब्रह्मा विष्णु महेश शेषा सब, तेरे ही गुणगान करे

हम सबका कल्याण करो माँ,हम सबका कल्याण करो माँ, विद्या बुद्धि दाइिनी

जय सुबा दाइिनी वरदायिनी…

जय जय जय माँता सरस्वती, जय सुबा दाइिनी वरदायिनी

जय जय जय माँता सरस्वती, जय सुबा दाइिनी वरदायिनी

हंस वाहिनी पद्मा आसाना माता, वीना पुस्तक धारिणी

जय सुबा दाइिनी वरदायिनी…

卐 ललित गेरा झज्जर 卐

(SLG Musician)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।