दशा मुझ दीन की भगवन

पारंपरिक
माँ गंगा भजन गुरुदेव भजन ganga
॥ पावन पाठ ॥

दशा मुझ दीन की भगवन सम्हालोगे तो क्या होगा,

अगर चरणों की सेवा में लगा लोगे तो क्या होगा,

नामी पातकी हूँ मैं और नामी पापहर तुम हो,

जो लज्जा दोनों कि बचा लोगे तो क्या होगा,

जिन्होंने तुमको करुणाकर पतितपावन बनाया है,

उन्हीं पतितों को तुम पावन बना लोगे तो क्या होगा,

यहाँ सब मुझसे कहते हैं तू मेरा तू मेरा है,

मैं किसका हूँ ये झगड़ा तुम मिटा दोगे तो क्या होगा,

अजामिल गिद्ध गणिका जिस दया गंगा से तरते हैं,

उसी में ‘बिन्दु’ सा पापी मिला लोगे तो क्या होगा,

Singer - Prem Bhatnagar

Lyrics - Traditional

Music - Utsav Music

Video - AB Production.

Lable - PBP Bhakti Music

@PBP_Bhakti_Music

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।