मन्ने भोली नबज दिखाये दे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मन्ने भोली नबज दिखाये दे

कहा दर्द से तेरे बताये दे,

है दर्द कमर में या पसली में

सब साच बताये दे असली में

होल से मन समझाए दे,

मन्ने भोली नबज दिखाये दे

कहा दर्द से तेरे बताये दे,

आयी मोच तेरे पांवो

थड़कन हो रही पाँव में

क्या दूखे क्या दूखे तेरा दिखाए दे,

मैंने भोली नबज दिखाये दे

कहा दर्द से तेरे बताये दे.

भोली कौन गाँव से तू आयी से

कौन संगी कौन सहाई से

मेरे जोड़ी संग बनाये ले

कहा दर्द से तेरे बताये दे,

मैंने भोली नबज दिखाये दे

कहा दर्द से तेरे बताये दे,

आरी देख हर कोई नाच रहा

लक्खा का गाना री बाज रहा

रघुवंशी ठुमका लगाए ले

कहा दर्द से तेरे बताये दे,

मन्ने भोली नबज दिखाये दे

कहा दर्द से तेरे बताये दे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।