वीणा वादिनी माँ हंस वाहिनी माँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

वीणा वादिनी माँ हंस वाहिनी माँ,

तेरे ज्ञान से रोशन है सारा जहान,

कृपा तेरी जिस घर में हो जाएगी माँ,

कभी अज्ञान इक पल ना ठहरे वहाँ,

वीणा वादिनी मां हंस वाहिनी मां,

तेरे ज्ञान से रोशन है सारा जहान,

नवल उत्थान दो दया वरदान दो,

अपनी वीणा से भक्ति की तान सुना,

वीणा वादिनी मां हंस वाहिनी मां,

तेरे ज्ञान से रोशन है सारा जहान,

मन में अपने कोई मोह माया ना हो,

मन में अपने कोई मोह माया ना हो,

फिक्र चिंता का मिट जाए नामोनिशान,

वीणा वादिनी मां हंस वाहिनी मां,

तेरे ज्ञान से रोशन है सारा जहान,

कल कल बहती रहे तेरी करुणा की धार,

विद्या दायिनी भूलों को करना क्षमा,

वीणा वादिनी मां हंस वाहिनी मां,

तेरे ज्ञान से रोशन है सारा जहान,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।