माँ शारदे जय भवानी शारदे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माँ शारदे जय भवानी शारदे,

शारदे शारदे शारदे...

तू ज्ञान दे वरदान दे सुर की पहचान दे

माँ शारदे जय भवानी शारदे,

उन चरणों की धुल लगा के

भटके मन को राह दिखा के

इस में तेरी ज्योत जला के

बंधन मैं गाऊ तुझको सुनाऊ चंद लेह और ताल

माँ शारदे जय भवानी शारदे,

अज्ञानी को निर्गुनता से मुक्ति दे माँ काली घटा से,

ज्योति माये कर अपनी किरपा से सुन सुन्दरी माँ

हंस हासनी माँ भव सागर तार दे

माँ शारदे जय भवानी शारदे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।