गुरुदेव कृपा बरसादे

पारंपरिक
माँ गंगा भजन गुरुदेव भजन ganga
॥ पावन पाठ ॥

गुरु ऐसी कृपा बरसा दे,

गुरुदेव कृपा बरसा दे,

मैं भिखारी तेरे दर्शनो का तू

दर्शण करा दे

गुरु देव ........

बिन तुम्हारी मेंहर ऐ गुरुवर,

कैसे सवेरे गी ये जिंदगानी तू ही समजादे

गुरुदेव.....

धन दौलत की किसको तमन्ना

है दीवाने तेरे इन चरणों मे थोड़ी जगह दे दे

गुरुदेव.....

मेरे दिल को लगन बस तुम्हारी गुरु मुझको तेरी

प्रेम गंगा में डुबकी लगा दे

गुरुदेव...

जिन्दगी बिन गुरु के अधूरी तुमको पालू अगर

मेरा जीवन सफल हो जाये

गुरुदेव......

अशोक कुमार जांगिड़

सवाई माधोपुर राजस्थान

म.9828123517

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।