शिंगार आज तेरा मन को बड़ा लुभाता

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

शिंगार आज तेरा मन को बड़ा लुभाता

जो भी झलक को देखे खुद को वो भूल जाता

शिंगार तेरे बाबा .............

सिर मोर का मुकुट है हीरा चमकता प्यारा

नज़रें तेरी कटारी करती हमें इशारा

चन्दन का लेप मुख पर कितना गज़ब है धाता

शिंगार तेरे बाबा .............

मुस्कान प्यारी प्यारी मन मोह लेगी मेरा

बातें करूँ मैं तुमसे होता है मन ये मेरा

जाऊं मैं वारी वारी दिल भी मेरा ये कहता

शिंगार तेरे बाबा .............

गल हार सोहे सुन्दर गजरें हैं खूबसूरत

बस आप को निहारूं मुझको मिले ना फुर्सत

इत्र की महके खुशबू मन खुद ही रीझ जाता

शिंगार तेरे बाबा .............

तेरे ठाठ हैं निराले तुम सेठ श्याम ऐसे

जो देख ले दीवाना हो जाए तुम हो ऐसे

भावों की स्नेह मोती चरणों में हैं चढ़ाता

शिंगार तेरे बाबा .............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।