तेरा डमरू बाजे पर्वत पे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव शंकर भोले नाथ तेरा डमरू बाजे पर्वत पे

तेरा डमरू बाजे पर्वत पे

शिव शंकर भोले नाथ तेरा डमरू बाजे पर्वत पे

तेरा नील कंठ पे धाम बना जित सबका बिगड़ा काम बना

सारे जग की रखले बात तेरा डमरू बाजे पर्वत पे

तेरा सब से रूप निराला से तू तो जोगी बड़ा मतवाला से

तेरा पूजन हो दिन रात तेरा डमरू बाजे पर्वत पे

तेरे जैसा ओह्गड़दानी ना तेरे जैसा कोई वरदानी न

मेरे भोले पिता और मात तेरा डमरू बाजे पर्वत पे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।