कृष्ण मुरारी खोलो किवाड़ी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कृष्ण मुरारी खोलो किवाड़ी भक्त खड़े तेरे द्वार

दर्शन पाने खातिर हमको सब कुछ है स्वीकार

श्याम तू दर्शन देदे हमें चरणों में लेले

कृष्ण मुरारी खोलो किवाड़ी..............

श्याम तेरा दर्शन लागे बड़ा प्यारा

कितनो का तूने जीवन संवारा

हम पर अपनी कृपा कार्डो पाएं तेरा दीदार

दर्शन पाने खातिर हमको सब कुछ है स्वीकार

श्याम तू दर्शन देदे हमें चरणों में लेले

कृष्ण मुरारी खोलो किवाड़ी..............

जाऊँगा खाली ना आज तेरे दर से

रहमो करम हूँ बाबा तेरे कब से

कैसे करोगे अब तुम बोलो भक्तों को इंकार

दर्शन पाने खातिर हमको सब कुछ है स्वीकार

श्याम तू दर्शन देदे हमें चरणों में लेले

कृष्ण मुरारी खोलो किवाड़ी..............

रूबी रिधम ने डाला दर पे तेरे डेरा

दर्श दिखाने में ना मोल लागे तेरा

अब ना टाल मटोल करो तुम करलो ये इक़रार

दर्शन पाने खातिर हमको सब कुछ है स्वीकार

श्याम तू दर्शन देदे हमें चरणों में लेले

कृष्ण मुरारी खोलो किवाड़ी..............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।