सब कारे आजमाए

संत सूरदास
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सब कारे आजमाए ऊधौ सब कारे आजमाए

कारे भवंर मधूप के लोभी कली देख मंडराये

एक दिना खिल गिरी धरनि लौट दरस नहीं पाये

कारे नाग पिटारन पाले बहूतई दूध पिलाए

जब सुध आई उन्हें अपने कुटुंब की अंगुरिन में डस खाए

कारे केश सीस पर राखे अतर फुलेल लगाए

जेइ कारे न भऐ आपने श्वेत रूप दरसाए

कारे से कोऊ प्रीत न करियो कारे जहर बुझाये

सूरदास कह लौ समझइये सब बिधि से आजमाए

Uplaoder Yogesh Tiwary

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।