बिरथा में अपन माला डार रहे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

बिरथा में अपन माला डार रहे

का हो वोतो पापियन को तार रहे

खर-दूषण धरती पर कितनो अत्त कये थे

जन्म जात बीज वे तो पाप ही को बये थे

राम राम राम राम राम राम राम राम

राम राम अपने वोइ तार रहे

दुराचारी राजा किष्किंधा को बाली

भगा दयो भइया को छीनी घरवाली

राम राम राम राम राम राम राम राम

मर्यादा अपनी वो बिगार रहे

जान जान उनने जनक नंदनी हरी थी

हतो न भरोसो उन्हें अपनी पड़ी थी

राम राम राम राम राम राम राम राम

भार भूमि कहवे का उतार रहे

देखो तो उनने कंस शिशुपाल तारो

हिरनाकुस को देखो कौन जतन मारो

राम राम राम राम राम राम राम राम

काहो हम उनको का बिगार रहे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।