नाम ले लो शिव का

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

नाम ले लो शिव का मिटे पाप सारे

अजब रूप धारे सिवजी हमारे

वेद नहीं जाने तेरे खेल न्यारे

अजब रूप धारे सिवजी हमारे

नीले नीले कंठमें सर्पो की माला है

अंग में भभूति ओढ़े मृगछाला है

सिवकी जटाओं में गंगा पधारे

अजब रूप धारे सिवजी हमारे

कभी कभी पहन के चले मुंडमाला है

एक हाथ डमरु है और दूसरे में माला है

पिये भंग निस दिन एे भोला हमारे

माथे पे चंद्रमा करता उजाला है

बाटते है अमृत पीते विस का प्याला है

होते दरसन उनको जो मन से पुकारे

Yogesh Tiwary

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।