अइसन मनोहर मंगल मूरत

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

अइसन मनोहर मंगल मूरत सुहावन सुंदर सूरत हो

ये राजाजी ये करे ता रहलबा जरूरत मुहूरत खूबसूरत हो

हमारा जनात बबुआ जी एम होईहैं ना ना ललना डी एम होईहैं हो

ये ललना 3 हिंद के सितारा इ ता सी एम होईहैं ओसे उपरा पीएम होईहैं हो

होईहैं वाईस चांसलर यूनिवर्सिटी के मेयर लंदन सिटी के नु हो

ये ललना3 होम सेकेट्री गौरमेंट्री के ता हीरा अपना मिट्टी के नु हो

बबुआ हमार महाराज होईहैं राजाधिराज होईहैं हो

ये ललना धातु में हीरा पुखराज होईहैं सिरवा के ताज होईहैं हो

मुनिबाबा अइसन ज्ञानी होईहैं राजाजी अइसन दानी होईहैं हो

ये ललना अखिल भूमंडल राजधानी होईहैं ता प्रेयस खानदानी होईहैं हो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।